Wakf Amendment Bill: वक्फ विधेयक से कई मुस्लिम नेता नाराज, मोहम्मद कासिम ने छोड़ा जेडीयू, जानें नीतीश को पत्र में क्या लिखा
पटना। वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हो गया है। वहीं वक्फ विधेयक का जेडीयू ने समर्थन किया है। लेकिन जेडीयू के बिल को लेकर समर्थन करने के कारण कई मुस्लिम नेता घर में अब कलह का सामना करना पड़ रहा। लिहाजा जेडीयू के कई मुस्लिम नेता पार्टी से नाराज हैं। जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने नाराजगी भी जताई है। हलांकि इसके अलावा जेडीयू नेता और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मोहम्मद कासिम अंसारी ने सीएम नीतीश कुमार की पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
जेडीयू में मुस्लिम नेता नाराज
मोहम्मद कासिम अंसारी ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना त्यागपत्र भेजा है। इस्तीफे का कारण वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन को आधार बताया गया है। वहीं ऐसा लगता जेडीयू में अभी यह शुरुआत है लेकिन जिस तरह जेडीयू में मुस्लिम नेता नाराज हैं ऐसे में आने वाले समय में कई बड़े चेहरे पार्टी छोड़ सकते हैं।
खबर तो यह भी है कि गुलाम रसूल बलियावी भी जेडीयू छोड़ सकते हैं। जेडीयू के मुस्लिम नेताओं पर मुस्लिम संगठनों का प्रेशर बढ़ने लगा है। मुस्लिम संगठनों और समाज से प्रेशर बनाया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से जेडीयू मुस्लिम नेता बिल का समर्थन करने को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। उससे साफ तौर पर लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जेडीयू का इसका नुकसान हो सकता है।
वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरूद्ध
बता दें कि मोहम्मद कासिम पार्टी में प्रवक्ता भी थे। वहीं नीतीश कुमार को लिखे गए पत्र में कासिम ने कहा है कि हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है।
वहीं कासिम ने आगे कहा कि ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से अपना वक्तव्य दिया और इस बिल का समर्थन किया उससे काफी मर्माहत हैं। वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरूद्ध है। हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते।
हालांकि उन्होंने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा कि यह बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है। इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील और रुसवा किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है, जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है। मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी का कई वर्ष पार्टी को दिया। अतः मैं पार्टी के प्राथमिक सदस्य और अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहा हूं।