अमेरिका में टॉर्नेडो ने ढाया कहर; घर उजड़े, खेत तबाह और करोड़ों की जान खतरे में

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान कई दिनों तक लगातार बारिश का कारण बन सकता है, जिससे मिसौरी, अर्कांसस, टेनेसी और मिसिसिपी में "पीढ़ीगत" बाढ़ आने की आशंका है।;

By :  DeskNoida
Update: 2025-04-03 23:30 GMT

टेनेसी और मिसिसिपी सहित कई अमेरिकी राज्यों में तेज़ टॉर्नेडो ने भारी तबाही मचाई है। इन आंधियों ने मिसौरी और अर्कांसस में घरों और खेतों को नुकसान पहुंचाया, जबकि इंडियाना में एक रेडियो टावर भी गिर गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान कई दिनों तक लगातार बारिश का कारण बन सकता है, जिससे मिसौरी, अर्कांसस, टेनेसी और मिसिसिपी में "पीढ़ीगत" बाढ़ आने की आशंका है। ओहायो से लेकर मिसिसिपी तक लगभग 1.4 करोड़ लोग टॉर्नेडो की चेतावनी के दायरे में हैं।

मिसिसिपी के स्लेडन और टेनेसी के ग्रैंड जंक्शन और सेलमर में टॉर्नेडो आने की खबरें सामने आई हैं। सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि ग्रैंड जंक्शन को एक खतरनाक टॉर्नेडो ने सीधा प्रभावित किया, जिससे वहां मलबा 20,000 फीट तक उड़कर फैल गया। एक यूजर ने स्लेडन में आए तूफान पर चिंता जताते हुए लिखा कि "यह एक टॉर्नेडो इमरजेंसी होनी चाहिए।" वहीं, एक अन्य वीडियो में सेलमर में आए टॉर्नेडो को दिखाया गया और लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई।

जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं। क्लाइमेट सेंट्रल के एक हालिया अध्ययन के अनुसार, 1970 से अब तक अमेरिका के 90% बड़े शहरों में घंटे के हिसाब से बारिश की तीव्रता बढ़ी है। एक्सक्यूवेदर का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में कुछ इलाकों में चार महीने की बारिश हो सकती है, जिससे छोटे जल निकासी तंत्र और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। कुछ जगहों पर बारिश की गति प्रति घंटे कई इंच तक पहुंच सकती है, जिससे अचानक बाढ़ आने की संभावना है।

मौसम विभाग ने टेनेसी और मिसिसिपी में टॉर्नेडो की चेतावनी जारी की है। स्टॉर्म प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, उत्तरी अलबामा, पूर्वी केंटकी, उत्तरी मिसिसिपी और मध्य टेनेसी में यह चेतावनी 3 अप्रैल, गुरुवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी। इस अलर्ट से लगभग 60 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें नैशविले (टेनेसी) और ट्यूपेलो (मिसिसिपी) के लोग भी शामिल हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि कई घर नष्ट हो चुके हैं।

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