Anxiety: महिलाओं में बढ़ रही एंजाइटी! इन लक्षणों से पहचाने मानसिक स्वास्थ्य, बचाव के लिए करें ये उपाय
नई दिल्ली। आज कल के भागदौड़ भरी जिंदगी में खास करके महिलाओं के लिए एंजाइटी से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गया है। काम का दबाव, सामाजिक अपेक्षाएं, आधुनिक जीवनशैली और तकनीकी निर्भरता के कारण लोग मानसिक रूप से थक चुके हैं।
वहीं यह समस्या भारत में भी तेजी से बढ़ रही है और इसके पीछे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण जिम्मेदार हैं। आज कल लोगों के पास वक्त इतना कम है कि किसी से मिलना तो दूर की बात है वह बात भी नहीं कर पाते हैं। ऐसे में लोग अवसाद और चिंता जैसी मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।
एंजाइटी के लक्षण
बता दें कि महिलाओं के साथ ये समस्या ज्यादा है। उन्हें ऑफिस के काम से लेकर घर संभालने तक की दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। चिंता एक सामान्य भावना है और यह शारीरिक लक्षण पैदा कर सकती है, जैसे कांपना और पसीना आना। जब चिंता लगातार बनी रहती है या अत्यधिक हो जाती है, तो व्यक्ति को एंजाइटी हो सकती है।
ध्यान और व्यायाम भी बेहद जरूरी
आज की जिंदगी में सबसे बड़ी समस्या है समय की कमी। काम, परिवार और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। एक दिनचर्या बनाएं जिसमें काम के साथ-साथ और मनोरंजन के लिए भी समय हो। इससे तनाव कम होता है। इसके अलावा ध्यान और व्यायाम भी बेहद जरूरी है। योग, प्राणायाम और मेडिटेशन चिंता को कम करने में बहुत कारगर हैं। यही नहीं आजकल लोग सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करते हैं, जिससे असुरक्षा और चिंता बढ़ती है। रोजाना कुछ घंटे स्क्रीन से दूर रहकर किताब पढ़ना, प्रकृति के साथ समय बिताना या अपनों से बात करना मददगार हो सकता है। संतुलित आहार और पर्याप्त नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करने के लिए खुद को प्रेरित करें। दोस्तों या परिवार से भावनाएं साझा करना भी बोझ हल्का करता है।
अच्छा खान पान सेहत और मन ठीक करने के लिए जरूरी
महिलाओं को तनाव को कम करने के लिए अच्छा खान पान सेहत और मन दोनों को ठीक करने के लिए बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप सैल्मन, अखरोट का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
शराब का सेवन भी मूड को गलत तरीके से प्रभावित करता है। ऐसे में अगर आप एल्कोहलिक हैं तो इससे जितना जल्दी हो छुटकारा पा लीजिए। अगर आप बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं तो परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। इससे आपको अच्छा महसूस होगा।
दरअसल, भारत में एंजाइटी के मामले पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 15 करोड़ लोग किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहे हैं और यह आंकड़ा बढ़ रहा है। भारत में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नौकरी की असुरक्षा ने लोगों पर आर्थिक बोझ डाला है। खासकर युवाओं में करियर को लेकर अनिश्चितता चिंता का बड़ा कारण बन रही है।