चैत्र नवरात्र: मां कालरात्रि साहस और वीरता का प्रतीक, पूजा से मिलती है सिद्धि, जानें मां को भोग में क्या है प्रिय

मां के तीन नेत्र हैं और इनके हाथों में तलवार और लोहे के शस्त्र रहती है। वहीं मां कालरात्रि के अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में रहते हैं।;

Update: 2025-04-04 00:30 GMT

चैत्र नवरात्र। मां दुर्गा के सातवें रूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को कष्टों से मुक्ति दिलाने वाली देवी कहा जाता है। मां कालरात्रि साहस और वीरता का प्रतीक हैं और मां की पूजा करने पर व्यक्ति को सिद्धि प्राप्त होती है।

मां हाथों में तलवार और लोहे के शस्त्र रखती हैं

मान्यता मां कालरात्रि का शरीर अंधकार की तरह काला होता है। मां जब सांस लेती हैं तो उनके मुख और नाक से ज्वाला निकलती है। मां कालरात्रि के बाल लंबे और बिखरे हुए हैं। मां कालरात्रि गले में बिजली की तरह चमकती हुई माला है, मां के तीन नेत्र हैं और इनके हाथों में तलवार और लोहे के शस्त्र रखती हैं। वहीं मां कालरात्रि के अन्य दो हाथ वरमुद्रा और अभय मुद्रा में रहते हैं।

ऐसी मान्यता है कि मां कालरात्रि को भोग में गुड़ बेहद प्रिय है। माता को गुड़ से बनी मिठाइयां और पकवान अर्पित किए जा सकते हैं। मां कालरात्रि का प्रिय रंग लाल माना जाना है।

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