Chaitra Navratri 2025 : रहस्य और इतिहास से ओतप्रोत है गुफा वाला मंदिर, मनोकामना होती है पूरी

Update: 2025-04-03 23:00 GMT

गाजियाबाद। गाजियाबाद के व्यस्त गोल मार्केट बाजार में एक ऐसा मंदिर है जो इतिहास और रहस्य से ओतप्रोत है। लोक कथाओं की मानें तो इस मंदिर में माता वैष्णो देवी का वास होता है। यहां जो मनोकामनाएं मांगी जाती है वह देर सबेर जरूर पूरी होती है।

गाजियाबाद का गोल मार्केट एक रंग बिरंगा बाजार है। जीडीए पुल से चौधरी मोड जाने वाली सड़क पर सड़क किनारे गुफा वाला मंदिर का बोर्ड दिखता है। बहुत लोगों को यह पता नहीं है कि यहां सड़क से नीचे उतरने पर एक ऐतिहासिक गुफा वाला मंदिर है। इस मंदिर का इतिहास 19वीं सदी के शुरुआत से जाना जाता है।

स्थानीय बुजुर्गों की माने तो 1928 में घंटाघर के निर्माण के समय यह मंदिर मौजूद था। कहते हैं कि एक साधु ने यहां तपस्या की थी और उन्हें मां दुर्गा का आशीर्वाद मिला था। तब से इसे गुफा वाला मंदिर कहा जाने लगा।

इस मंदिर की बनावट गुफा जैसी है। एक पतली सी और अंधेरी गली है जहां दीवारें पत्थरों से बनी है और अंदर जाकर दुर्गा माता की मूर्ति है। मूर्ति तक पहुंचाने के लिए झुक कर चलना पड़ता है। इस दौरान शांति और ठंडक का एहसास होता है।

लोग बताते हैं कि इस बनावट और माहौल में लोग दुर्गा माता की मूर्ति को वैष्णो देवी माता के रूप में देखते हैं।

यह मंदिर शहर के बीचों बीच में है लेकिन छुपे तौर पर है। आम दिनों में यहां भक्तों की भारी भीड़ नहीं होती है लेकिन नवरात्रि या किसी पूजा अवसर पर भक्ति इस मंदिर में माता के दर्शन करने जरूर आते हैं। इस नवरात्रि पर भी सुबह-शाम भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इस

मंदिर में मांगी गई मन्नतें जरूर पूरी होती है। नौकरी, व्यापार, शादी आदि से जुड़ी मन्नत यहां मांगने का प्रचलन रहा है लेकिन इसी के साथ एक मान्यता भी है कि इस मंदिर में प्रवेश करते वक्त भक्ति का मन बिल्कुल साफ होना चाहिए तभी ही उनकी मनोकामना सुनी जाती है।

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