माणा के पास बर्फ में फंसे 57 मजदूरों में से 32 को बचाया, रात के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद
चमोली। उत्तराखण्ड के माणा के पास भारी बर्फबारी के बीच कुबेर पर्वत से भारी हिमस्खलन हो गया। जिससे 57 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। मिली जानकारी के अनुसार मजदूर वहां कंटेनर में सो रहे थे। इसी दौरान कंटेनर के ऊपर हिमस्खलन हो गया। वहीं 32 मजदूरों को आईटीबीपी और सेना के जवानों ने सुरक्षित बचा लिया गया है। जबकि अन्य मजदूरों की खोज जारी है। हालांकि फिलहाल भारी बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। बर्फबारी रुकने के बाद फिर से रेस्क्यू शुरू किया जाएगा।
आईटीबीपी और सेना के जवान मौके पर पहुंचे
दरअसल, पिछले दो साल से माणा गांव-माणा पास 50.987 किमी हाईवे का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य चल रहा है। इसी काम के लिए मजदूर यहां रह रहे थे। ये मजदूर दिन के समय हाईवे चौड़ीकरण के काम बाद रात में माणा पास एंट्री गेट के पास बने कंटेनर में पहुंच जाते थे।
वहीं पिछले दो दिनों से बर्फबारी होने के कारण मजदूर इन्हीं कंटेनर में रह रहे थे। इनमें पौकलेंड, जेसीबी और अन्य मशीनों के ऑपरेटर भी रह रहे थे। आज सुबह करीब साढ़े छह बजे कुबेर पर्वत हिमस्खलन हुआ। जिसके बाद
कुछ मजदूर बदरीनाथ की ओर भाग गए, कुछ कंटेनर के अंदर ही फंस गए। हिमस्खलन की सूचना मिलने पर माणा गांव में कैंप में रह रहे आईटीबीपी और सेना के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने बर्फबारी के बीच ही मजदूरों को बचाने का रेस्क्यू शुरू किया।
बता दें चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदरीनाथ हाईवे पर जमी बर्फ को हटाने के लिए बीआरओ की जेसीबी लगाई गई है। क्षेत्र में लगातार बर्फबारी होने और कोहरा लगने से रेस्क्यू कार्य बाधित हो रहा है। बदरीनाथ हाईवे से पैदल ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा और पुलिस की टीमें माणा गांव जा रही है।