कथा में की थी भविष्यवाणी " कभी भी बुलावा आ सकता है" ...कथावाचक की हुई मौत, जानें मौत की वजह

Update: 2025-04-04 06:09 GMT

मध्य प्रदेश। राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबको बैचेन कर देने वाली घटना सामने आई है। राधाकृष्ण मंदिर में चल रही सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा के दौरान इंदौर से आले वाले कथावाचक पंडित राकेश व्यास की उनके ही कथन के अगले दिन साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई।

आयोजन समिति के सदस्य कालूराम गुर्जर ने बताया कि सुबह जब वे चाय लेकर उनके पास पहुंचे और आवाज दी, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। कोई भी जवाब और शरीर में कोई हलचल न देख तुरंत ही उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  

पहले ही मृत्यु को लेकर दिया था कथा

शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन पंडित राकेश व्यास ने अपने श्रोताओं से भावपूर्ण होकर कहा था कि "भगवान के यहां से कभी भी बुलावा आ सकता है, एक दिन सभी को जाना ही है। जिंदगी रंज-ओ-गम का मेला है। कल मैं रहूं या न रहूं, तुम रहो या न रहो। कथा का श्रवण कर लीजिए। राजा हो, रंक हो या फकीर, सभी को एक दिन जाना है"।

कही हुई बात हो जाती है सच...

कथावाचक पंडित राकेश व्यास की मृत्यु के बाद पूरे जिले में शोक की लहर है। लोगों कि मान्यता है कि व्यास गद्दी से कही गई बात ईश्वर की वाणी होती है और वह सिद्ध भी हो जाती है। इस घटना ने इसे सच साबित कर दिया।

परिवार ने पोस्टमॉर्टम से किया इनकार

मृत्यु की घोषणा के बाद ही शव को परिजनों को सौंप दिया था। जिला थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना निलते ही अस्पताल पहुंची थी। जहां डॉक्टरों ने मौत की वजह रात में नींद के दौरान साइलेंट अटैक को बताया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया। जिसके बाद शव को सुरक्षा के साथ उन्हें सौंप दिया गया। पंडित राकेश व्यास के परिजन ब्यावरा पहुंचे और शव को अंतिम संस्कार के लिए इंदौर के बावल्या खुर्द के रवाना हो गए।

Tags:    

Similar News