Wakf Amendment Bill: लोस में बहस अबतक शांतिपूर्ण, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के सवालों पर सवाल कर रहे हैं अखिलेश

किरेन रिजिजू ने साफ तौर पर कहा कि अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है।;

Update: 2025-04-02 08:54 GMT

नई दिल्ली। लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस दौरान विधेयक को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में अपने संबोधन में साफ कर दिया कि वक्फ विधेयक के जरिए सरकार किसी धर्म के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है

बता दें कि उन्होंने कहा कि यह विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन से जुड़ा है और इसका मंदिर या मस्जिद या किसी भी धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, वक्फ विधेयक किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है।

वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन

दरअसल, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है। रेलवे की संपत्ति का पूरे देश के लोग इस्तेमाल करते हैं और रक्षा क्षेत्र की जमीन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा में होता है जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?

मैं मुसलमान नहीं हूं लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं

किरेन रिजिजू ने कहा, अब वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, पिछड़े मुसलमान, महिलाएं और विशेषज्ञ गैर-मुस्लिम भी होंगे। मैं अपना खुद का उदाहरण देता हूं। मान लीजिए मैं मुसलमान नहीं हूं लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। फिर मैं सेंट्रल वक्फ काउंसिल का चेयरमैन बन जाता हूं। मेरे पद के बावजूद, काउंसिल में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं और उनमें से 2 महिला सदस्य अनिवार्य हैं। अगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सरकार गरीब मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, तो इसमें आपत्ति क्यों है?

Tags:    

Similar News