औरंगजेब विवाद पर आरएसएस के प्रवक्ता सुनील आंबेकर का बड़ा बयान, कहा- आज के समय में "प्रासंगिक नहीं"
बेंगलुरु। औरंगजेब की कब्र हटाने का मुद्दा फिल्म छावा के बाद से ही गरमाया हुआ है। यहां तक कि इसको लेकर नागपुर में हिंसा भी हो चुका है। वहीं शंभाजी नगर से औरंगजेब की कब्र को हटाने की वीएचपी और अन्य संगठनों ने मांग की है। इस बीच, आरएसएस के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह आज के समय में "प्रासंगिक नहीं" हैं। उन्होंने इसपर जोर देकर कहा कि किसी भी तरह की हिंसा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए ठीक नहीं है
हालांकि सुनील आंबेकर ने आगे कहा कि, औरंगजेब आज प्रासंगिक नहीं हैं। किसी भी तरह की हिंसा को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। वहीं आरएसएस का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग और इससे जुड़ी कई अफवाहों को लेकर नागपुर में तनाव बढ़ा हुआ है। दरअसल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का कहना है कि, किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने बंगलूरू में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने के पहले कही है।
जो भी जरूरी होगा पुलिस कार्रवाई करेगी
बता दें कि इस दौरान उन्होंने औरंगजेब विवाद से जुड़े एक सवाल पर कहा कि ऐसा कोई विवाद सही नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी जरूरी होगा पुलिस कार्रवाई करेगी। यह पूछे जाने पर कि आज के दौर में क्या औरंगजेब के नाम पर विवाद प्रासंगिक है? आंबेकर ने जवाब दिया- ऐसा कतई प्रासंगिक नहीं है।
वहीं आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21-23 मार्च को बंगलुरू में होनी है। इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी और पिछले वर्ष के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। वहीं इस बैठक में संघ के सर्वोच्च पदाधिकारी मोहन भागवत, दत्तात्रेय होसबोले और सभी सहयोगी संस्थाओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री सहित 1480 कार्यकर्ता शामिल होंगे।