जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने पर बार ने किया विरोध, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को भेजी सिफारिश

Update: 2025-03-24 13:50 GMT

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को उनके मूल न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वापस स्थानांतरित करने की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव जारी किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने न्यायमूर्ति वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने के सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के फैसले पर आपत्ति जताई थी।

ट्रांसफर की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी

बता दें कि जस्टिस यशवंत वर्मा मूल रूप से इलाहाबाद हाई कोर्ट के ही हैं। 2021 में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाई कोर्ट में हुआ था। यहां वह वरिष्ठता क्रम में तीसरे स्थान पर थे। 14 मार्च की रात उनके सरकारी आवास आग की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों ने वहां कथित तौर पर बड़ी मात्रा में जले हुए कैश मिले थे। इसकी तस्वीरें और वीडियो दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी गई थी। उनके पास से मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास पहुंचा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च को ही एक शुरुआती कदम के तौर पर जस्टिस यशवंत वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट करने की बात कही थी। कॉलेजियम ने उनके ट्रांसफर का फैसला लेने से पहले दिल्ली और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों से राय मांगी थी। अब 24 मार्च को हुई कॉलेजियम की एक और बैठक के बाद ट्रांसफर की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी गई है।

जस्टिस वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा को अपने यहां भेजने का कड़ा विरोध कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल हुई है, जिसमें जस्टिस वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को जस्टिस वर्मा को कोई न्यायिक कार्य न देने को कहा था। फिलहाल अभी यह साफ नहीं है कि अगर केंद्र सरकार उनके ट्रांसफर की सिफारिश मान लेती है, तो इलाहाबाद हाई कोर्ट में वह न्यायिक कार्य कर सकते हैं या नहीं।

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