टैरिफ मुद्दे पर ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू

अमेरिका और इजरायल के बीच इस समय कई गंभीर मुद्दों पर बातचीत होनी बाकी है। इनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायली उत्पादों पर 17 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का फैसला, गाजा में युद्धविराम की कोशिशें और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंता शामिल हैं।;

By :  DeskNoida
Update: 2025-04-05 17:30 GMT

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सोमवार को वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस पहुंचने की संभावना है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी, हालांकि उन्होंने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बात की

अमेरिका और इजरायल के बीच इस समय कई गंभीर मुद्दों पर बातचीत होनी बाकी है। इनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायली उत्पादों पर 17 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का फैसला, गाजा में युद्धविराम की कोशिशें और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंता शामिल हैं।

संभावना है कि नेतन्याहू और ट्रंप के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत होगी। अगर ऐसा होता है, तो नेतन्याहू ऐसे पहले विदेशी नेता होंगे जो इन टैरिफ पर सीधे वॉशिंगटन में बातचीत के लिए पहुंचेंगे।

इजरायल ने इस फैसले से पहले अमेरिकी वस्तुओं पर बचा हुआ एक प्रतिशत शुल्क हटाकर टैरिफ से बचने की कोशिश की थी। लेकिन इसके बावजूद ट्रंप ने बुधवार को टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। उनका कहना था कि अमेरिका का इजरायल के साथ व्यापार घाटा बना हुआ है, जबकि इजरायल को सैन्य सहायता भी दी जाती है।

एक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू की यात्रा पहले इस महीने के आखिर में होनी थी, लेकिन टैरिफ घोषणा के बाद इसे जल्दी कर दिया गया। ट्रंप और नेतन्याहू ने गुरुवार को फोन पर बात की थी, जिसमें हंगरी द्वारा अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) से हटने के फैसले और संभावित अमेरिका यात्रा पर भी चर्चा हुई।

दोनों देशों के बीच गाजा में संघर्षविराम को लेकर अटकी बातचीत और हमास के कब्जे में बचे बंधकों की रिहाई जैसे विषयों पर भी चर्चा की संभावना है। इजरायल ने पिछले महीने सैन्य अभियान दोबारा शुरू कर दिया था, जिससे पहले की अस्थायी शांति टूट गई थी।

उधर, ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई संधि पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन इस दिशा में खास प्रगति नहीं हो पाई है। कुछ खबरों में यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो इजरायल अमेरिकी सहयोग से ईरानी ठिकानों पर हमला कर सकता है।

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