श्रीलंका में नमो-नमो: श्रीलंका में मिले प्रतिष्ठित मित्र विभूषण पर पीएम मोदी ने कहा- यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों के लिए
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। पीएम मोदी दोनों देशों के बीच कई तरह के मुद्दों के बारे में बात करने और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत व साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बढ़ावा देने के पहलू को सामने रखने के लिए वहां गए है।
उनके इसी असाधारण प्रयासों को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने पीएम को सम्मान में प्रतिष्ठित मित्र विभूषण पदक से सम्मानित किया है। यह प्रधानमंत्री मोदी को किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रदान किया गया 22वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है। असाधारण वैश्विक मित्रता को मान्यता देने के लिए विशेष रूप से स्थापित यह पदक भारत-श्रीलंका संबंधों की मजबूता और अग्रसता को दर्शाता है।
पीएम ने संबोधन में क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका को संबोधित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरी श्रीलंका की चौथी यात्रा है, 2019 में मेरी पिछली यात्रा बहुत ही संवेदनशील समय पर हुई थी। उस समय मुझे विश्वास था कि श्रीलंका उभरेगा और और अधिक मजबूत होगा। मैं श्रीलंका के लोगों के धैर्य और साहस की सराहना करता हूं और आज मुझे श्रीलंका को फिर से प्रगति के पथ पर देखकर खुशी हो रही है। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी और मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। "
भारत ने सबका साथ, सबका विकास का विजन अपनाया है। हम अपने सहयोगी देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं। पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक के ऋणों को अनुदान में बदला है। हमारा द्विपक्षीय ऋण पुनर्गठन समझौता श्रीलंका के लोगों को तत्काल सहायता और राहत प्रदान करेगा। आज हमने ब्याज दर कम करने का फैसला किया है। यह दर्शाता है कि भारत आज भी श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।
पीएम ने कहा कि- हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान है। दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है और एक-दूसरे पर निर्भर है। भारत के हितों के प्रति उनकी संवेदनाओं के लिए मैं राष्ट्रपति दिसानायके का आभारी हूं। रक्षा सहयोग में संपन्न किए गए महत्वपूर्ण समझौते का हम स्वागत करते हैं। कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव और हिंद महासागर में सुरक्षा सहयोग पर भी मिलकर काम करने के लिए हम सहमत हैं।
किन-किन विषयों पर होगा समझौता
इस यात्रा के दौरान उम्मीद यह की जा रही है कि दोनों देशों के बीच रक्षा,ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इस यात्रा में श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भारत द्वारा दी गई सहायता को भी महत्व दिया गया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए अहम साझेदारी देखने को मिल सकती है।