Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

भारत में दो ऐसे मंदिर हैं जहां होती है'डायन' की पूजा, इस नवरात्र पर भी यहां लगा है भक्तों का तांता

Varta24 Desk
2 April 2025 1:51 PM IST
भारत में दो ऐसे मंदिर हैं जहां होती हैडायन की पूजा, इस नवरात्र पर भी यहां लगा है भक्तों का तांता
x

बालोद, छत्तीसगढ़। मंदिरों में भगवान की पूजा तो आपने सभी जगहों पर देखी होगी, लेकिन ऐसे मंदिर के बारे में बताना चाहते हैं, जहां भगवान की नहीं बल्कि डायन की पूजा होती है। ये जानकर आपको आश्चर्य होगा। वैसे तो लोग प्रेत, प्रेतात्मा या फिर डायन नाम से ही डर जाते हैं क्योंकि इसको बुरी शक्ति माना जाता है। मगर झिंका गांव के लोगों की आस्था ऐसी है कि ये डायन (परेतिन माता) को माता मानते हैं और इसकी पूजा करते हैं।

इसका एक छोटा सा मंदिर भी है जो सिकोसा से अर्जुन्दा जाने वाले रास्ते पर स्थित मंदिर को परेतिन दाई माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। झिंका सहित पूरे बालोद जिले के लोग परेतिन दाई के नाम से जानते हैं। नवरात्रि में यहां विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हो चुकी है और इस मंदिर में ज्योत भी जलाई गई है।

यह मंदिर पहले एक पेड़ से जुड़ा हुआ था

झींका गांव की सरहद में बने परेतिन दाई मंदिर का प्रमाण उसकी मान्यता आस्था का वो प्रतीक है। जिससे आज इस मंदिर को पूरे प्रदेश में जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का यह मंदिर पहले एक पेड़ से जुड़ा हुआ था। माता का प्रमाण आज भी उस पेड़ पर है और उसके सामने शीश झुकाकर ही कोई आगे बढ़ता है। और यहां पर जो कोई भी मनोकामना मांगते हैं, वो पूरी जरूर होती है। विशेष रूप से परेतिन दाई सूनी गोद भरती है।

100 ज्योति कलश यहां पर किए गए प्रज्वलित

चैत्र और क्वार नवरात्रि में परेतिन माता के दरबार में विशेष आयोजन किए जाते हैं। जहां पर ज्योति कलश की स्थापना की जाती है और नवरात्रि के 9 दिन बड़ी संख्या में भक्तों का तांता लगा रहता है। भले ही मान्यता अनूठी हो लेकिन सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा और मान्यता आज भी इस गांव में कायम है वर्तमान में 100 ज्योति कलश यहां पर प्रज्वलित किए गए हैं।

बौहरा माता के प्रति लोगों की आस्था 400 साल पुरानी

बिहार के बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड में बौहरा माता का मंदिर स्थापित कर लोग बरसों से उनकी पूजा कर रहे हैं। वैसे तो मंदिर का जीर्णोद्धार 25 वर्ष पहले हुआ था, लेकिन बौहरा माता के प्रति लोगों की आस्था 400 साल पुरानी है। माना जाता है कि बौहरा माता एक डायन थी। इनके बारे में जो कहानी प्रचलित है। उस हिसाब से डायन विद्या के बल पर बौहरा माता जो चाहती थी वह कर लेती थी।

बेटी के 300 पतियों को बौहरा माता ने मारा

मान्यताओं के अनुसार बौहरा माता की बेटी रेशमी शादी कर अपना घर बसाना चाहती थी, लेकिन बौहरा माता चाहती थी कि बेटी हमेशा उसी के साथ रहे इसके लिए जैसे ही बेटी की शादी के बाद उनका दामाद बेटी को लेकर कमला नदी पार करने लगता था बौहरा माता डायन विद्या के बल पर नाव डूबा देती थी। जिसमें दमाद और उसके रिश्तेदार डूब कर मर जाते थे। बेटी जिंदा बच जाती थी और अपने मां के पास चली आती थी। एक दो नहीं अपनी ही बेटी के 300 पतियों को बौहरा माता ने मार दिया।

Next Story