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विदेश मंत्री ने टैरिफ पर कहा- चाहे हम इसे पसंद करें या नहीं, ये एक वास्तविकता है, देश उनका उपयोग करता है

नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बढ़ते टैरिफ पर बयान दिया है। दरअसल विदेश मंत्री से जब पूछा गया कि क्या व्यापार बाधाओं, टैरिफ और तकनीकी प्रतिबंधों या प्रतिबंधों का हमारी विदेश नीति में कोई स्थान है या होना चाहिए। इसपर उन्होंने कहा, टैरिफ, प्रतिबंध, मुझे लगता है, चाहे हम इसे पसंद करें या नहीं, ये एक वास्तविकता है, देश उनका उपयोग करता है।
हालांकि आगे अन्होंने कहा कि वास्तव में, यदि कोई पिछले दशक को देखता है, तो मैं कहूंगा कि हमने लगभग किसी भी प्रकार की क्षमता या किसी भी प्रकार की आर्थिक गतिविधि का बहुत अधिक शस्त्रीकरण देखा है। यह वित्तीय प्रवाह, ऊर्जा आपूर्ति या प्रौद्योगिकी हो सकती है। यह दुनिया की एक वास्तविकता है। आप अपनी व्यापक राष्ट्रीय शक्ति के लिए लड़ रहे हैं, जिसमें व्यवसाय बहुत महत्वपूर्ण योगदान देता है। मुझे लगता है कि आज, विभिन्न डोमेन को विभाजित करने वाली रेखाएं मिट गई हैं। यदि आप अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में देखें, तो मुझे लगता है कि आज यह एक दशक पहले की तुलना में कम संयमित संस्कृति है।
हथियारों के इस्तेमाल से निपटने के अलग-अलग तरीके हैं
वहीं जब विदेश मंत्री से पूछा गया कि वह सोशल मीडिया, टेलीकॉम जैसी वैश्विक वस्तुओं के हथियारीकरण को कैसे देखते हैं, इसका जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, हथियारों के इस्तेमाल से निपटने के अलग-अलग तरीके हैं। एक तरीका यह है कि हथियार के दाईं ओर रहें ताकि आप पर वार न हो। आज दुनिया राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक निर्णय लेती है, एक तरह से यह पहले नहीं होता था, खासकर डिजिटल युग में। डिजिटल युग में, मुझे लगता है कि यह केवल लागत के बारे में नहीं है, यह आराम के बारे में है, यह विश्वास के बारे में है। हम अभी यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तीन बड़ी व्यापार वार्ताओं में शामिल हैं। ये हमारे विकास बाजार हैं। ये हमारे प्रौद्योगिकी भागीदार हैं, ये कई मायनों में हमारे कनेक्टिविटी भागीदार हैं।