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शंकराचार्य ने महाकुंभ के बारे में कहा- 'सरकारी महाकुंभ था, असली कुंभ माघ में संपन्न हुआ...
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बेमेतरा। प्रयागराज महाकुंभ 2025 को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने महाकुंभ को 'सरकारी महाकुंभ' बताया है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के अनुसार, महाकुंभ का असली समापन माघ पूर्णिमा के दिन ही हो चुका था, क्योंकि इसी दिन सभी कल्पवासी प्रयागराज से विदा हो जाते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पारंपरिक रूप से महाकुंभ या कुंभ मेले का आयोजन माघ मास में ही होता है और उसी के अनुरूप इसका समापन माघ पूर्णिमा पर होना स्वाभाविक था। मौजूदा महाकुंभ प्रशासनिक रूप से 'सरकारी महाकुंभ' प्रबंधन के तहत विस्तारित किया गया है, जबकि पारंपरिक रूप से धार्मिक रूप से मान्य कुंभ का समापन माघ पूर्णिमा को ही होता है।
शंकराचार्य के इस बयान से यह चर्चा तेज हो सकती है कि क्या महाकुंभ का प्रशासनिक और धार्मिक आयोजन एक ही दिशा में आगे बढ़ रहा है या इसमें सरकारी हस्तक्षेप और पारंपरिक धार्मिक परंपराओं के बीच कोई अंतर बनता जा रहा है। यह बयान कुंभ की धार्मिक मान्यताओं और सरकारी व्यवस्थाओं के बीच की बहस को और गहराने वाला साबित हो सकता है।