
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- भारतीय मूल की महिला ने...
भारतीय मूल की महिला ने अमेरिका में दिया दर्दनाक घटना को अंजाम; जानकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की एक महिला पर अपने 11 वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सरिता रामराजू नाम की 48 वर्षीय महिला ने अपने बेटे के साथ तीन दिन डिज्नीलैंड में बिताने के बाद उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।
रामराजू को हत्या के आरोप में दोषी ठहराए जाने पर 26 साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने बेटे से मुलाकात के लिए सांता एना के एक मोटल में ठहरी हुई थीं। उनके पूर्व पति से 2018 में तलाक के बाद वह कैलिफोर्निया छोड़कर वर्जीनिया चली गई थीं।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपने बेटे के साथ तीन दिन डिज्नीलैंड में बिताए थे और 19 मार्च को मोटल से चेकआउट करने के बाद उसे उसके पिता के पास लौटाना था। लेकिन उसी दिन सुबह 9:12 बजे उन्होंने 911 पर फोन कर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया और बताया कि उन्होंने अपने बेटे की हत्या कर दी है और खुद की जान लेने के लिए गोलियां खा ली हैं।
जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने लड़के को मृत पाया। वह बिस्तर पर पड़ा था और कमरे में डिज्नीलैंड से लाई गई चीजें बिखरी हुई थीं। जांच में पता चला कि लड़के की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी। पुलिस को कमरे में एक बड़ा रसोई चाकू भी मिला, जिसे महिला ने एक दिन पहले खरीदा था।
महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जिला अटॉर्नी टॉड स्पिट्जर ने इस घटना को दर्दनाक बताते हुए कहा कि एक बच्चे को अपने माता-पिता की आपसी दुश्मनी की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता का प्यार ही बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित स्थान होना चाहिए, लेकिन इस मामले में मां ने अपने ही बेटे की जान ले ली।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान यतिन रामराजू के रूप में हुई है। पिछले साल से उसकी मां और पिता के बीच बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था। मां ने पिता पर नशे की लत और आक्रामक व्यवहार के आरोप लगाए थे, जबकि पिता ने इन आरोपों को झूठा बताया था। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, तलाक के बाद बच्चे की कस्टडी पिता को मिली थी और मां को उससे मिलने का अधिकार दिया गया था।
रामराजू ने अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया था कि उनके पूर्व पति ने उनकी अनुमति के बिना बच्चे की पढ़ाई और इलाज से जुड़े फैसले लिए और वह नशे की हालत में आक्रामक हो जाते थे। वहीं, पिता ने इन आरोपों को निराधार बताया था। इस मामले की जांच जारी है।